ट्रेडिंग क्या हैं? ट्रेडिंग कैसे करें? Trading करके 10,000 रुपये महीना कमाएं

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पैसा कमाना किसको पसन्द नही? हर कोई चाहता हैं की उसके पास खूब सारा पैसा हो। लेकिन पैसे कमाना इतना आसान नही होता। अगर आपको ज्यादा पैसा कमाना हैं तो सही समय पर सही जगह इन्वेस्टमेंट करनी पड़ेगी। या तो पैसा मेहनत से आता हैं या फिर बुद्धि से! बुद्धि से आने वाला पैसा मेहनत से आने वाले पैसे से ज्यादा हैं। यही कारण हैं की शेयर मार्केट और ट्रेडिंग के सेक्टर में लोग करोड़ो कमाते है। वैसे क्या आप जानते हैं की ट्रेडिंग क्या है और ट्रेडिंग कैसे करें?

ट्रेडिंग शेयर मार्केट या स्टॉक मार्केट से तेजी से पैसे कमाने का सबसे बेहतरीन तरीका हैं। लेकिन इसके लिए शेयर मार्केट की अच्छी समझ और किस्मत दोनो मायने रखती हैं। लेकिन अगर छोटे स्तर पर ट्रेडिंग की जाए तो हर कोई इससे पैसे कमा सकता हैं। ट्रेडिंग में मुनाफा कमाना इसलिए आसान हैं क्योंकि इसमे आपको तेजी से शेयर्स खरीदने और बेचने होते हैं। कई बार तो यह काम चुटकियो में हो जाता हैं और लोग लाखो का प्रॉफिट भी कमा लेते हैं। इस लेख में हम आपको ट्रेडिंग से जुड़ा सम्पूर्ण गाइड (What is Trading in Hindi) के बारे में बताएंगे।

 

ट्रेडिंग क्या हैं? (Trading kya hai)

 

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ट्रेडिंग का सरल मतलब ‘व्यापार’ होता हैं। व्यापार करने वाले लोग रोजाना ट्रेडिंग करते हैं और शायद उन्हें इस बात का पता भी नही होता। एक समान को खरीदकर उसे बेचना ट्रेडिंग ही हैं। सरल भाषा में आप एक वस्तु के बदले में दूसरी वस्तु को प्राप्त करना भी ट्रेडिंग कह सकते हैं। जब आप किसी चीज को खरीदकर उसे अधिक दामो में बेच रहे ही तो इसका मतलब आप ट्रेडिंग कर रहे हो और इससे Profit कमा रहे हो।

ट्रेडिंग हर क्षेत्र में होती हैं। चाहे वह किसी सर्विस कम्पनी से जुड़ी ही या फिर किसी स्टॉक कम्पनी से। लेकिन ट्रेडिंग शब्द का इस्तेमाल अधिकतर Share Market के लिए ही किया जाता हैं। भारत में Share Market Trading का काफा क्रेज हैं। न केवल शेयर मार्केट में एक्सपीरियंस रखने वाले बल्कि कई युवा भी Share Market Trading की वजह से लाखो कमा रहे हैं। Internet की वजह से अब ट्रेडिंग पहले के मुकाबले काफी आसान बन गयी हैं।

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग क्या होती हैं? 

 

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शेयर मार्केट के बारे में तो आप सभी जनते होंगे। इस समय शेयर मार्केट पैसे कमाने के सबसे बड़े तरीको में से एक बन चुका हैं। शेयर मार्केट जोखिमो से भर हुआ है और यही कारण हैं की शेयर मार्केट को भारत में लीगल सट्टा भी कहा जाता हैं। शेयर मार्केट से पैसा कमाना आसान हैं। लेकिन शेयर मार्केट में ठीके रहना और काफी ज्यादा पैसा कमाना आसान नही।

शेयर मार्केट से अधिक पैसा कमाने के लिए एक्सपीरियंस की जरूरत होती हैं। जिस व्यक्ति को कम्पनियो और मार्केट के दाव-पेज समझ में आ जाते हैं उसे शेयर मार्केट से करोड़ो का प्रॉफिट भी मिलता हैं। कम्पनिया सफल होने के बाद खुद के शेयर्स बना लेती हैं ताकि जब जोखिम हो तो अकेले उसे ना उठाना पड़े। कम्पनी के शेयर्स को लोग खरीदते है और मालिक को मुनाफा होता हैं। जिस व्यक्ति के पास अधिक शेयर होते है वह मुख्य मालिक होता हैं।

एक बार कम्पनी शेयर मार्केट में Register हो जाए तो फिर शेयर खरीदते और बिकते रहते हैं। इसी बीच में मार्केटर्स पैसा कमाते हैं। शेयर मार्केट में 2 तरह के लोग होते हैं। एक वह जो शेयर्स को लम्बे समय तक होल्ड करके रखते है और जरूरत पड़ने पर ही उन शेयर को बेचते हैं। दूसरे वो जो रोजाना शेयर खरीदते-बेचते हैं।

Traders कई बार शेयर्स खरीदने और बेचने के काम को मिनटो में भी कर देते है। जैसे की अभी शेयर खरीदा, उसकी प्राइज ज्यादा हुई और अगले घण्टे उसे बेच दिया। इन दूसरे किस्म के लोगो को Traders कहा जाता हैं। तेज से शेयर खरीदने और बेचने को Share Market Trading के नाम से जाना जाता हैं। कुल मिलाकर तेजी से शेयर खरीदने और बेचने को Trading कहा जाता हैं।

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग काफी तेजी से होती हैं। जैसे ही ट्रेडर्स कम्पनीयो के डैम को बढ़ते देखते हैं वह शेयर बेच देते हैं। इसके बाद वापस से दाम के नीचे जाने पर कम्पनी के शेयर्स खरीदते है और ऊपर जाने पर फिर बेच देते हैं। इस तरह से कई बार ट्रेडर्स एक दिन में ही लाखो रूपये कमा लेते हैं। लेकिन इसके लिए अच्छा एक्सपीरियंस चाहिए होता हैं। इस काम में किस्मत भी साथ होनी चाहिए। कोई भी व्यक्ति छोटे अमाउंट से ट्रेडिंग शुरू कर सकता हैं।

ट्रेडिंग कैसे करें, ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाये?

 

शेयर मार्केट में टिके रहना मुश्किल होता हैं। जितनी संभावना है प्रॉफिट की होती है उतनी ही संभावनाए लॉस की भी होती है। अगर बात किस नए व्यक्ति की हो जो शेयर मार्केट में नया है तो लॉस की सम्भावनाये ही अधिक होती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नही की इस मार्केट को देखकर ही डर जाए। अक्सर लोग जितना बताते हैं शेयर मार्केट उतना भी बुरा नही हैं। शेयर मार्केट में सफल होने का एक ही नियम है : लालची मत बनो।

कई बार लोग कम पैसो में आने वाले अविश्वसनीय कंपनियों के शेयर भी खरीद लेते हैं और बाद में उन्हें लो झेलना पड़ता है। शेयर मार्केट में आने के बाद व्यक्तियों को समय समय पर अपना प्रॉफिट निकालते रहना चाहिए। इससे लॉस होने पर अधिक दुख भी नही होता। अगर आपके पास एक्स्ट्रा पैसे है और आप उसे शेयर मार्केट में लगाना चाहते हो तो यह कोई बुरी बात नही हैं। बस, आपको सही कम्पनी का चयन करना होगा।

शेयर मार्केट में शेयर्स की कीमत मांग और स्टॉक्स पर आधारित होती हैं। यानी की जब कम्पनी के शेयर्स की मांग बेचने वालो से ज्यादा होती हैं तो कीमत बढ़ती हैं। वही शेयर्स की मांग बेचने वालो से कम हो तो शेयर्स की कीमत घट जाती हैं। कई बार एक दिन में शेयर उठ और गिर जाता हैं। इसे क्रिप्टो करेंसी की तरह भी देखा जा सकता हैं। अब बात आती हैं शेयर मार्केट से पैसे कमाने की! इसका सीधा से सिस्टम हैं। जब आपको लगे की कम्पनियो के शेयर की कीमत इस समय कम हैं तो आप शेयर खरीद ले और जब कीमत बढ़े तब उसे बेच दे।

इस समय मार्केट में कई सारे ऐसे Apps भी हैं जिनकी मदद से आसानी से शेयर खरीदे और बेचे जा सकते है। इन Apps के माध्यम से ट्रेडर्स का काम आसान हो गया है और लोग आसानी से शेयर मार्केट में पैसे इन्वेस्ट कर पाते हैं। Share Market Traders तेजी से शेयर खरीदते और बेशतर है व उससे प्रॉफिट कमाते हैं। उदाहरण के लिये आज राहुल ने Netflix के 20 हजार के शेयर्स खरीदे और कल उनकी कीमत 24 हजार हो गयी यो उसे बेच दिए उर एक दिन में 3 हजार कमा लिए।

इसके बाद वह वापस से 20 हजार के अमेज़न के शेयर खरीदेगा और फिर अगले दिन जब उसकी कीमत 24,000 हजार हो गयी तो उसे बेच दिया। इस तरह से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग से पैसे कमाए जाते हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग ने तो इस काम को मिनटो का बनाया है। पैसे ऐड किये, शेयर खरीदा, बेचा और प्रॉफिट सीधे आपके Bank Account में। अब अगर आपको किसी चीज का ध्यान रखना है तो वह आपकी Earning Strategy होगी।

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Types of Trading in Hindi

 

अब अब यह तो समझ ही चुके हो की ट्रेडिंग क्या है और ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाते हैं। अब भारत में भी इंटरनेट की मदद से आसानी से ट्रेडिंग की जा सकती हैं। इस वजह से ट्रेडिंग और भी लोकप्रिय होती जा रही हैं। अब कई भारतीय युवा भी ट्रेडिंग की मदद से अच्छी रकम कमा रहे हैं। ट्रेडिंग केवल एक प्रकार की नही होती। कुल मिलाकर ट्रेडिंग 3 प्रकार की होती हैं, जो निम्न हैं:

1. इंट्रा-डे ट्रेडिंग (Intra Day Trading)

 

इंट्रा डे ट्रेडिंग काफी तेज होती हैं। इस तरह को ट्रेडिंग में ग्राहक एक ही दिन में शेयर खरीदकर बेच देते हैं। यानी की पहले शेयर खरीदा और फिर अगले घण्टे में थोड़ी कीमत बढ़ते ही उसे बेच दिया। इस तरह से कुछ लोग रोजाना लाखो का प्रॉफिट कमाते हैं। कई बार जब शेयर की कीमत नही बढ़ती तब लॉस भी हो जाता हैं। इंट्रा-डे ट्रेडिंग में ग्राहक मार्केट खुलने के बाद शेयर खरीदते है और बन्द होने से पहले उसे बेच भी देते हैं।

इंट्रा-डे ट्रेडिंग में आपका ब्रोकर आपके डीमैट अकॉउंट की राशि का 20 गुना करके आपको प्रदान करता हैं। इससे ट्रेडिंग में अधिक स्वतन्त्रता प्रदान होती हैं। इंट्रा-डे ट्रेडिंग को मुख्यतः 2 तरह के लोगो के लिए सही माना जाता हैं। पहले वो जिन्हें Share Market की समझ हो और दूसरे वो जिनकी किस्मत चलती हैं। लेकिन किसी Begginer का इसमे उलझना सही नही हैं।

2. स्कैल्पर ट्रेडिंग ( Scalper Trading)

 

स्केलपर ट्रेडिंग में शेयर खरीदने और बेचने का काम इंस्टेंट होता हैं। स्केलपर ट्रेडिंग ग्रहल अधिकतर तब ही करते है जब मार्केट में कुछ गड़बड़ दिखाई देती है या फिर गड़बड़ आने की सम्भावनाये होती हैं। स्केलपर ट्रेडिंग में शेयर्स को 5 से 10 मिनट में आदान-प्रदान कर दिया जाता हैं। यानी की स्केलपर ट्रेडिंग में पहले शेयर खरीदते है और अगले मिनट में इसका डैम बढ़ने पर बेच देते हैं।

कम अमाउंट पर अधिकतर इस ट्रेडिंग में कोई खास लाभ या हानि नही होता। लेकिन अधिक अमाउंट होने पर लाभ या हानि होने की सम्भावनाये रहती हैं। शेयर मार्केट की काफी ज्यादा समझ रखने वालो के लिए ही इस तरफ की ट्रेडिंग को सबसे बेहतर माना जाता हैं। स्केलपर ट्रेडिंग में जोखिम भी खूब होता हैं। उस तरह की ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर कम्पनी मार्जिन भी वसूल करवाती हैं।

3. स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading) / Short Term Trading

 

स्विंग ट्रेडिंग शेयर मार्केट की बेहतर और अधिक सेफ ट्रेडिंग में मानी जाती हैं। स्विंग ट्रेडिंग स्कैलपर ट्रेडिंग और इंट्रा-डे ट्रेडिंग के मुकाबले अधिक समय की होती हैं। इस तरह की ट्रेडिंग में कम्पनी के शेयर को खरीदकर थोड़े समय के लिए अपने पास रखा जाता है और समय पर उसे बेच दिया जाता हैं। स्विंग ट्रेडिंग में शेयर्स को खरीदने के बाद डीमेट एकाउंट में ट्रांसफर कर लिया जाता हैं। ब्रोकर की तरफ़ से इस ट्रेडिंग के लिए कोई खास मार्जन नही मिलता।

स्विंग ट्रेडिंग अधिक बेहतर इसलिए मानी जाती हैं क्योंकि इसमे ग्राहक अच्छा लाभ कमा सकते हैं। इस तरह की ट्रेडिंग में शेयर्स को कुछ दिनों या फिर एक महीने तक अपने पास रखा जाता हैं। इतने दिनों में शेयर्स की कीमत में उछाल आने के चांस भी अधिक रहते हैं। इस तरह से शेयर्स के खरीदारों को शेयर्स को अच्छी कीमत पर बेचने का मौका मिल जाता हैं। जिन लोगो को पैसा निवेश करके 5-10 प्रॉफिट बनाना होता हैं उनके लिए स्विंग ट्रेडिंग बेहतर हैं। स्विंग ट्रेडिंग को शार्ट टर्म ट्रेडिंग भी कहते हैं।

4. लॉन्ग-टर्म ट्रेडिंग (Long Term Trading)

 

लोंग-टर्म ट्रेडिंग को शेयर मार्केट से पैसे कमाने का सबसे बेहतरीन तरीका माना जाता हैं। लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग में किसी कम्पनी के शेयर्स को खरीदकर उसे सम्बे समय तक डीमैट एकाउंट में रखा जाता हैं। इससे जब भी उस कम्पनी के शेयर्स की कीमत बढ़े तब उसे बेचा जा सकता हैं। इससे अधिक प्रॉफिट के लॉस होने की आशंका भी नही रहती। क्योंकि ऊपर के तीनो ट्रेडिंग टाइप्स में ग्राहक तेजी से शेयर खरीदते और बेचते हैं और ऐसे में अगर थोड़ी लंबी अवधि बात शेयर की कीमत बढ़ती है तो ग्राहक अधिक प्रॉफिट छोड़ देते हैं।

लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग में शेयर खरीदने वाले व्यक्ति किसे कंपनी के शेयर को 6 महीने या फिर इससे भी अधिक समय तक अपने पास रखता हैं। लंबे समय तक शेर पास रहने से कंपनी के बारे में ठीक से अंदाजा हो जाता है और समझना आसान हो जाता है हकीकत शेयर कीमत बढ़ सकती है। देश के बड़े बड़े निवेशक लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग से ही पैसा कमाते हैं। जब किसी कंपनी के कारोबार में तेजी से वृद्धि होती है तो उससे लोंग टर्म ट्रेडिंग से अधिक लाभ कमाया जाता है।

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ट्रेडिंग कैसे करते हैं?

 

अगर अपने अब तक यह लेख पूरा पढ़ा है तो आप ट्रेडिंग के बारे में सब कुछ समझ गए होंगे। अब बात आती है क्या के ‘ट्रेडिंग कैसे करते हैं’? ट्रेडिंग करना कोई मुश्किल काम नही हैं। ट्रेडिंग करने के लिए सबसे पहले आपको एक बेहतरीन ब्रोकर कम्पनी का चुनाव करे। किसी भी ब्रोकर कंपनी को चुनने से पहले उसके बारे में अच्छे से जानकारी दें क्योंकि कई सारी फ्रॉड कंपनी मार्केट में मौजूद हैं।

एक बार ब्रोकर कंपनी को चुनने के बाद आपको अपने डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना होगा। अकाउंट खोलने के बाद आप अपनी ब्रोकर कंपनी को फोन करके शेयर खरीद और बेच सकते हैं। अब यह काम ऑनलाइन हो चुका है तो आप घर बैठे हुए अपने स्मार्टफोन से भी शेयर खरीदने और बेचने का काम आसानी से कर सकते हैं। यानी की घर बैठे हुए ट्रेडिंग से लाखो का प्रॉफिट कमाया जा सकता हैं।

आज के इस लेख में हमने ट्रेडिंग के बारे में बात की। आज हमने जाना की ‘ट्रेडिंग क्या है और ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाते हैं‘? अगर आपको इस लेख से जुड़ा हुआ कोई सवाल हो तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। अगर आप आप आगे भी इस तरह के अन्य लेख प्राप्त करते रहना चाहते हो तो हमारे Free Newsletter को सब्सक्राइब जरूर करे।

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